बस्तर के बारे में

बस्तर , भारत के छत्तीसगढ़ प्रदेश के दक्षिण दिशा में स्थित जिला है । .बस्तर जिले एवं बस्तर संभाग का मुख्यलय जगदलपुर शहर है । इसका क्षेत्रफल 4029.98 वर्ग कि. मी. है ।बस्तर जिला छत्तीसगढ़ प्रदेश के कोंडागांव , सुकमा , बीजापुर जिलों से घिरा हुआ है । बस्तर जिले की जनसंख्या वर्ष 2011 में 1,411,644 ,वर्तमान कोंडागांव जिले को सम्मिलित करते हुए थी । जिसमे 697,359 पुरुष एवं 714,285 महिलाएं थी । बस्तर की जनसन्ख्या मे 70 प्रतिशत जनजातीय समुदाय जैसे गोंड , मारिया , मुरिया , भतरा , हल्बा , धुरुवा समुदाय हैं । बस्तर जिला को सात विकासखंड/तहसील , जगदलपुर , बस्तर , बकावंड , लोहन्दिगुडा , तोकापाल , दरभा , बास्तानार में विभाजित किया गया है । बस्तर जिला सरल स्वाभाव जनजातीय समुदाय और प्राकृतिक सम्पदा संपन्न हुए प्राकृतिक सौन्दर्य एवं सुखद वातावरण का भी धनी है। बस्तर जिला घने जंगलों , ऊँची, पहाड़ियों , झरनों , गुफाओ एवं वन्य प्राणियों से भरा हुआ है। बस्तर जिले के लोग दुर्लभ कलाकृति ,उदार संस्कृति एवं सहज सरल स्वभाव के धनी हैं ।

बस्तर जिले की संछिप्त जानकारी
तहसील जगदलपुर , बस्तर , बकावंड , लोहन्दिगुडा , तोकापाल , दरभा , बास्तानार
विकासखंड जगदलपुर , बस्तर , बकावंड , लोहन्दिगुडा , तोकापाल , दरभा , बास्तानार
शहर जगदलपुर
कुल ग्राम 618
आबाद ग्राम 603
राजस्व ग्राम 572
ग्राम पंचायतों की संख्या 317
राजस्व निरीक्षक वृत्त 12
पटवारी हल्को की संख्या 164
नगर निगम जगदलपुर
जनपद पंचायत जगदलपुर , बस्तर , बकावंड , लोहन्दिगुडा , तोकापाल , दरभा , बास्ताना
जनगणना-2011 1,411,644 [कोंडागांव जिला सम्मिलित]
जनगणना-2011-पुरुष 697,359 [कोंडागांव जिला सम्मिलित]
जनगणना-2011-महिलाए 714,285[ कोंडागांव जिला सम्मिलित]
मुख्य डाकघर जगदलपुर
जनगणना-2011 साक्षर पुरुष 387,907[कोंडागांव जिला सम्मिलित]
जनगणना-2011 साक्षर महिलाए 270,680[कोंडागांव जिला सम्मिलित]
महाराजा प्रवीर चन्द्र भंज देव, बस्तर
समुदाय के लोकप्रिय शासक
लोक नृत्य

एतिहासिक रूप से बस्तर क्षेत्र रामायण ग्रन्थ में दण्डकरण्य नाम से वर्णित है । महाभारत ग्रन्थ में कोसला साम्रज्य के भाग के रूप में वर्णित है । सन 450 ईसवी में बस्तर क्षेत्र में नल राजा भवदत्त वर्मन का शासन था ।

सन 1324 ईसवी में काकतीय वंश के महाराजा अन्नम देव द्वारा बस्तर का शाही साम्रज्य स्थापित किया गया ।

महाराजा अन्नम देव के बाद महाराजा हमीर देव , बैताल देव , महाराजा पुरुषोत्तम देव , महाराज प्रताप देव ,दिकपाल देव ,राजपाल देव ,ने शासन किया |

बस्तर शासन की प्रारंभिक राजधानी बस्तर शहर में बसाई गयी , फिर जगदलपुर शहर में स्थान्तरित की गयी ।
बस्तर में अंतिम शासन महाराजा प्रवीर चन्द्र भंज देव (1936-1948) ने किया । महाराजा प्रवीर चन्द्र भंज देव बस्तर के सभी समुदाय के लोकप्रिय शासक थे ।

बस्तर की कुल जनसँख्या का 70 प्रतिशत जनजातीय समुदाय की जनसँख्या है , और छत्तीसगढ़ की कुल जनजातीय जनसँख्या का 26.76 प्रतिशत है । बस्तर की जनजातीय समुदाय जनसन्ख्या मे मुख्य रूप से गोंड , मारिया , मुरिया , भतरा , हल्बा , धुरुवा समुदाय हैं |
बस्तर के जनजातीय समुदाय की बड़ी जनसँख्या आज भी घने जंगलों में निवास करती है । बस्तर के जनजातीय समुदाय अपनी संस्कृति , कला , पर्व , सहज जीवन शैली के लिए प्रशिद्ध हैं ।